पोषण 02
पाचन तंत्र और पोषण
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पाचन तंत्र का परिचय
पाचन तंत्र एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा भोजन को सरल और उपयोगी घटकों में तोड़ा जाता है ताकि शरीर उसे ऊर्जा, वृद्धि, और मरम्मत के लिए उपयोग कर सके।
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पोषण (Nutrition)
पोषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीव भोजन ग्रहण करता है और उसका उपयोग करता है।
पोषक तत्व (Nutrients):
वे पदार्थ जो जीवों को पोषण प्रदान करते हैं।
1. मुख्य पोषक तत्व (Macronutrients):
कार्बोहाइड्रेट
प्रोटीन
वसा
2. सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients):
खनिज (Minerals)
विटामिन (Vitamins)
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पोषण के तरीके
पोषण मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:
1. स्वपोषी पोषण (Autotrophic Nutrition):
वह प्रक्रिया जिसमें जीव अपना भोजन स्वयं तैयार करता है।
उदाहरण: हरे पौधे।
प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis):
पौधे सूर्य के प्रकाश, जल, और कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके भोजन बनाते हैं।
यह प्रक्रिया क्लोरोप्लास्ट में होती है, जो कोशिका का "रसोईघर" कहलाता है।
समीकरण:
2. विषमपोषी पोषण (Heterotrophic Nutrition):
वह प्रक्रिया जिसमें जीव अन्य जीवों से भोजन ग्रहण करता है।
उदाहरण: जानवर और कुछ सूक्ष्मजीव।
विषमपोषी पोषण के प्रकार:
1. मृतोपजीवी पोषण (Saprophytic Nutrition):
जीव पाचक रस स्रावित करके मृत जीवों और सड़े-गले पदार्थों से पोषण प्राप्त करते हैं।
उदाहरण: कवक (Fungi)।
2. परजीवी पोषण (Parasitic Nutrition):
परजीवी जीव मेजबान के शरीर के अंदर या बाहर रहकर पोषण प्राप्त करते हैं।
उदाहरण: जूं, प्लास्मोडियम।
3. प्राणी सं पोषण (Holozoic Nutrition):
जीव भोजन को ग्रहण करके पाचन के माध्यम से पोषण प्राप्त करते हैं।
उदाहरण: अधिकांश जानवर।
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प्राणी सं पोषण के चरण:
1. अंतर्ग्रहण (Ingestion):
भोजन को ग्रहण करने की प्रक्रिया।
2. पाचन (Digestion):
जटिल खाद्य पदार्थों को सरल अणुओं में तोड़ने की प्रक्रिया।
3. अवशोषण (Absorption):
पचे हुए भोजन के उपयोगी घटकों का अवशोषण।
4. स्वांगीकरण (Assimilation):
पचे हुए भोजन का ऊर्जा, वृद्धि, और मरम्मत के लिए उपयोग।
5. उत्सर्जन (Egestion):
अपचित भोजन को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया।
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मानव पाचन तंत्र की संरचना:
1. मुख्य अंग (Main Organs):
मुखगुहा (Mouth)
ग्रसनी (Pharynx)
अन्नप्रणाली (Esophagus)
आमाशय (Stomach)
छोटी आंत (Small Intestine)
बड़ी आंत (Large Intestine)
मलाशय (Rectum)
गुदा (Anus)
2. सहायक अंग (Accessory Organs):
यकृत (Liver)
अग्न्याशय (Pancreas)
लार ग्रंथियां (Salivary Glands)
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पाचन प्रक्रिया का महत्व:
कार्बोहाइड्रेट → ग्लूकोज
प्रोटीन → अमीनो एसिड
वसा → वसीय अम्ल और ग्लिसरॉल
विटामिन और खनिज:
ये पहले से ही सरल रूप में होते हैं और इनका पाचन आवश्यक नहीं होता।
उदाहरण: दूध में कैल्शियम।
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दांतों के बारे में परीक्षा उपयोगी क्लास नोट्स
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दांतों का परिचय
दांत मुखगुहा (माउथ कैविटी) में उपस्थित कठोर संरचनाएं हैं जो भोजन को चबाने और तोड़ने में सहायक होती हैं।
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दांतों के प्रकार
मनुष्य के दांत चार प्रकार के होते हैं:
1. कृंतक दांत (Incisors):
संख्या: 8 (प्रत्येक जबड़े में 4)
कार्य: भोजन को काटने और चीरने में सहायक।
2. रदनक दांत (Canines):
संख्या: 4 (प्रत्येक जबड़े में 2)
कार्य: भोजन को फाड़ने में सहायक।
3. अग्रचवर्णक दांत (Premolars):
संख्या: 8 (प्रत्येक जबड़े में 4)
कार्य: भोजन को चबाने और पीसने में सहायक।
4. चवर्णक दांत (Molars):
संख्या: 12 (प्रत्येक जबड़े में 6, तीसरा चवर्णक = ज्ञानदंत)
कार्य: भोजन को पीसने और कुचलने में सहायक।
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दांतों की संरचना
1. ताम्र (Enamel):
दांत का सबसे बाहरी और कठोर भाग।
शरीर का सबसे कठोर पदार्थ।
2. डेंटिन (Dentin):
ताम्र के नीचे का भाग, थोड़ा नरम।
तंत्रिकाओं को सुरक्षा प्रदान करता है।
3. गूदा (Pulp):
दांत का भीतरी हिस्सा।
इसमें तंत्रिकाएं और रक्तवाहिकाएं होती हैं।
4. सीमेंटम (Cementum):
दांत की जड़ को जोड़कर रखने वाली परत।
5. पेरियोडेंटल लिगामेंट:
दांत को जबड़े की हड्डी से जोड़ने वाला संयोजी ऊतक।
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मनुष्य के दांतों के सेट (Dental Sets):
1. दूध के दांत (Milk Teeth):
संख्या: 20
बच्चों में 6 महीने से लेकर 6 साल की उम्र तक रहते हैं।
2. स्थायी दांत (Permanent Teeth):
संख्या: 32
यह 6 साल की उम्र के बाद विकसित होते हैं।
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दंत सूत्र (Dental Formula):
मनुष्यों का दंत सूत्र:
(कृंतक: रदनक: अग्रचवर्णक: चवर्णक)
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दांतों की देखभाल:
1. दांतों को ब्रश करें: दिन में दो बार।
2. मीठे और चिपचिपे पदार्थों का सेवन कम करें।
3. दंत चिकित्सक से नियमित जांच करवाएं।
4. फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का उपयोग करें।
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सामान्य दंत रोग:
1. कैविटी (Cavity):
कारण: चीनी और बैक्टीरिया से अम्ल निर्माण।
समाधान: नियमित ब्रशिंग।
2. पायरिया:
कारण: मसूड़ों में संक्रमण।
समाधान: डॉक्टर की सलाह से उपचार।
3. दांत दर्द:
कारण: कैविटी, टूट-फूट या तंत्रिकाओं में समस्या।
समाधान: समय पर उपचार।
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नोट:
दांत केवल भोजन चबाने में नहीं बल्कि चेहरे की संरचना को बनाए रखने में भी सहायक होते हैं।
स्वस्थ दांतों के लिए नियमित सफाई और संतुलित आहार महत्वपूर्ण है।