इतिहास 01
प्राचीन भारतीय इतिहास
इतिहास का परिचय
इतिहास (History) एक ग्रीक शब्द "हिस्टोरिया" से बना है, जिसका अर्थ है जांच, खोज और अतीत का ज्ञान। यह अतीत की घटनाओं के अध्ययन और उनके पुनर्निर्माण से संबंधित है।
इतिहास के स्रोत
इतिहास के अध्ययन में ऐतिहासिक स्रोतों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन्हें दो भागों में विभाजित किया गया है:
- नॉन-लिटरेरी स्रोत: सिक्के, शिलालेख, पुरातात्त्विक अवशेष (जैसे मिट्टी के बर्तन, पत्थर के उपकरण, धातु के उपकरण)।
- लिटरेरी स्रोत: लिखित अभिलेख, साहित्य और ग्रंथ।
प्रीहिस्ट्री और प्रोटोहिस्ट्री
प्रीहिस्ट्री वह समय है जब लिखित प्रमाण नहीं थे। प्रोटोहिस्ट्री वह समय है जब लिखित प्रमाण उपलब्ध थे लेकिन उन्हें डिकोड नहीं किया जा सका।
प्रीहिस्टोरिक पीरियड
भारत का प्रीहिस्टोरिक काल लगभग 200000 BCE से 2500 BCE तक फैला हुआ है। यह काल स्टोन एज से शुरू होता है और इसे तीन भागों में विभाजित किया गया है:
1. पाषाण युग (Stone Age)
यह युग तीन भागों में विभाजित है:
- पैलियोलिथिक एज (पुरापाषाण काल): 300000 BCE से 10000 BCE तक। इस काल में इंसान हंटर-गैदरर थे और बिना पॉलिश किए हुए पत्थर के औजारों का उपयोग करते थे।
- मेसोलिथिक एज (मध्य पाषाण काल): 10000 BCE से 6000 BCE तक। इस युग में माइक्रोलिथ (छोटे पत्थर के उपकरण) का उपयोग होता था।
- नियोलिथिक एज (नवपाषाण काल): 6000 BCE से 2000 BCE तक। इसमें कृषि और स्थायी बस्तियों का विकास हुआ।
2. प्रोटोहिस्टोरी
इस काल के लिखित अभिलेख उपलब्ध हैं लेकिन उनकी लिपि अभी तक पढ़ी नहीं जा सकी है।
पैलियोलिथिक एज (पुरापाषाण काल)
यह काल तीन चरणों में विभाजित है:
- लोअर पैलियोलिथिक: 300000 BCE से 100000 BCE तक। इस काल में हैंड-एक्स और क्लीवर्स जैसे उपकरण प्रचलित थे।
- मिडिल पैलियोलिथिक: 100000 BCE से 40000 BCE तक। शार्प और प्वाइंटेड टूल्स का उपयोग किया गया।
- अपर पैलियोलिथिक: 40000 BCE से 10000 BCE तक। इस काल में मॉडर्न होमो सेपियंस का उद्भव हुआ।
मेसोलिथिक एज (मध्य पाषाण काल)
10000 BCE से 6000 BCE तक का यह काल माइक्रोलिथ टूल्स के उपयोग और जलवायु परिवर्तन के लिए जाना जाता है। प्रमुख स्थल:
- राजस्थान का बागौर
- उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर गुफाएँ
- नर्मदा घाटी
निष्कर्ष
प्राचीन भारत का प्रीहिस्टोरिक काल मानव सभ्यता के विकास की आधारशिला था। इसमें पत्थर के उपकरणों का उपयोग, शिकार, और स्थायी बस्तियों की शुरुआत हुई।
प्राचीन भारतीय इतिहास पर आधारित MCQs
-
"इतिहास" शब्द किस भाषा से लिया गया है?
- (a) संस्कृत
- (b) लैटिन
- (c) ग्रीक
- (d) फारसी
उत्तर: (c) ग्रीक
-
इतिहास के स्रोतों को कितने भागों में विभाजित किया गया है?
- (a) एक
- (b) दो
- (c) तीन
- (d) चार
उत्तर: (b) दो
-
निम्नलिखित में से कौन-सा "नॉन-लिटरेरी सोर्स" है?
- (a) पुराण
- (b) शिलालेख
- (c) वेद
- (d) महाकाव्य
उत्तर: (b) शिलालेख
-
प्रीहिस्ट्री और प्रोटोहिस्ट्री में मुख्य अंतर क्या है?
- (a) लिखित प्रमाण उपलब्ध हैं
- (b) लिपि का ज्ञान नहीं है
- (c) दोनों में कोई अंतर नहीं
- (d) लिखित प्रमाण नहीं हैं
उत्तर: (b) लिपि का ज्ञान नहीं है
-
भारत में प्रीहिस्टोरिक पीरियड कब से कब तक माना जाता है?
- (a) 200000 BCE से 2500 BCE
- (b) 300000 BCE से 10000 BCE
- (c) 10000 BCE से 6000 BCE
- (d) 6000 BCE से 2000 BCE
उत्तर: (a) 200000 BCE से 2500 BCE
-
स्टोन एज के तीन भाग कौन-कौन से हैं?
- (a) प्राचीन, मध्य, आधुनिक
- (b) पैलियोलिथिक, मेसोलिथिक, नियोलिथिक
- (c) प्रीहिस्टोरिक, प्रोटोहिस्टोरिक, हिस्टोरिक
- (d) लोअर, मिडिल, अपर
उत्तर: (b) पैलियोलिथिक, मेसोलिथिक, नियोलिथिक
-
भारत में सबसे पुराना लोअर पैलियोलिथिक स्थल कौन-सा है?
- (a) नागार्जुनकोंडा
- (b) भीमबेटका
- (c) बौरी
- (d) लूनी घाटी
उत्तर: (c) बौरी
-
मेसोलिथिक काल में सबसे प्रमुख उपकरण कौन-सा था?
- (a) हैंड-एक्स
- (b) क्लीवर्स
- (c) माइक्रोलिथ
- (d) ब्लेड्स
उत्तर: (c) माइक्रोलिथ
-
भीमबेटका गुफाएँ किस राज्य में स्थित हैं?
- (a) राजस्थान
- (b) मध्य प्रदेश
- (c) उत्तर प्रदेश
- (d) गुजरात
उत्तर: (b) मध्य प्रदेश
प्राचीन भारतीय इतिहास - क्लास नोट्स
ग्रासलैंड्स का विकास
ग्रासलैंड्स के विकास के परिणामस्वरूप घास पर निर्भर रहने वाले जानवर जैसे डियर, एंटीलोप, गोट, शीप और कैटल की संख्या में वृद्धि हुई। इस समय तक मानव हंटर-गैदरर के रूप में जीवन व्यतीत कर रहे थे। लेकिन अब उन्होंने एनिमल डोमेस्टिकेशन की शुरुआत की।
- एनिमल डोमेस्टिकेशन का साक्ष्य: मध्य प्रदेश के आदमगढ़ में सबसे पुराना साक्ष्य।
- पहला पालतू जानवर: वाइल्ड डॉग।
- अन्य पालतू जानवर: शीप और गोट।
मेसोलिथिक युग
- मेसोलिथिक लोग जानवरों की खाल के बने कपड़े पहनने लगे।
- इस युग में प्राकृतिक रूप से गेहूं, जौ, और चावल उगने लगे।
- मेसोलिथिक लोग आर्ट लवर्स थे और रॉक पेंटिंग्स की शुरुआत की।
रॉक पेंटिंग्स
- थीम: वाइल्ड एनिमल्स, हंटिंग, डांसिंग आदि।
- 150 से अधिक साइट्स, जैसे:
- भीमबेटका केव्स (मध्य प्रदेश)
- कारवाड़ा (उड़ीसा)
- एरत गुहा (केरल)
लिथिक युग
- 6000 BCE - 1000 BCE
- परिवर्तन: मानव फूड गैदरर से फूड प्रोड्यूसर बन गए।
- कृषि: रागी, कपास, चावल, गेहूं, जौ आदि की खेती।
औजार
- पॉलिश्ड स्टोन टूल्स और एक्सेस।
- हड्डियों से बने औजार (जैसे नीडल्स, स्क्रेपर्स, एरोहेड्स)।
बर्तन
- मिट्टी के बर्तन बनाना शुरू किया।
- प्रारंभ में हैंडमेड पॉटरी, बाद में फुट व्हील्स का उपयोग।
चालकोलिथिक युग
- 2000 BCE - 500 BCE
- कॉपर और लो ग्रेड ब्रॉन्ज का उपयोग।
- संस्कृति: ग्रामीण समाज (विलेज सोसाइटी)।
- मुख्य औजार: एक्स, फिशिंग हुक्स, चिज, पिन्स आदि।
साइट्स
- गिलुंड (राजस्थान): बेक्ड ब्रिक्स के प्रमाण।
- आहार या बनास संस्कृति: राजस्थान के भीलवाड़ा, उदयपुर में स्थित।
पॉटरी
- ब्लैक और रेड पॉटरी
- ओचर्ड पॉटरी: राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम यूपी में।
प्राचीन भारतीय इतिहास - MCQs
भारतीय इतिहास - क्लास नोट्स
प्राचीन भारत के विभिन्न कालखंड
1. कायथा संस्कृति
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित कायथा संस्कृति, चंबल नदी की सहायक नदी काली सिंध के तट पर स्थित है। यह क्षेत्र मध्य भारत की एक प्रमुख चालकोलिथिक संस्कृति को दर्शाता है।
2. मालवा संस्कृति
मध्य भारत की सबसे प्रमुख चालकोलिथिक संस्कृति मालवा संस्कृति है। यह नर्मदा नदी के तट पर पूरे मालवा क्षेत्र में फैली हुई थी।
- यहां से गेहूं, जौ, तिलहन, ज्वार, चावल और दालों के प्रमाण मिले हैं।
- टेराकोटा से बनी बैल की आकृतियां भी प्राप्त हुई हैं।
3. जोरवे संस्कृति
जोरवे संस्कृति पश्चिमी महाराष्ट्र में प्रवरा नदी के तट पर स्थित थी।
- अहमदनगर का दाइमाबाद क्षेत्र इसका एक प्रमुख स्थल है।
- यहां कांस्य निर्मित हाथी, गैंडा, और दो बैलगाड़ी के प्रमाण मिले हैं।
4. मेगालिथिक युग (1000-500 ईसा पूर्व)
मेगालिथिक युग में "बड़े पत्थरों" का उपयोग कब्रों और स्मारकों के निर्माण में किया जाता था। इसे दो प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है:
- पॉलीलिथिक संरचनाएं: इनमें एक से अधिक पत्थरों का उपयोग होता था।
- मोनोलिथिक संरचनाएं: इनमें केवल एक पत्थर का उपयोग होता था।
यह संस्कृति दक्षिण भारत में विशेष रूप से प्रमुख थी।
- कर्नाटक के मास्की और गुलबर्गा क्षेत्रों में मेगालिथिक कब्रें पाई गई हैं।
- केरल में अम्ब्रेला स्टोन और रॉक कट स्मारक प्रमुख हैं।
- महाराष्ट्र में विदर्भ क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्मारक पाए गए हैं।
5. मेगालिथिक बैरियर्स के सामान्य लक्षण
- मृत शरीरों के साथ लाल और काले मृद्भांड दफनाए जाते थे।
- लोहे के औजार, हथियार और सोने के आभूषण मिले हैं।
- कुछ कब्रों में घरेलू पशुओं जैसे भैंस, भेड़ और बकरी के अवशेष भी पाए गए।
- कब्रों में पाए गए सामान सामाजिक स्थिति का संकेत देते हैं।
6. हड़प्पा सभ्यता
इंडस वैली सिविलाइजेशन (2600-1900 ईसा पूर्व) विश्व की सबसे प्राचीन शहरी सभ्यताओं में से एक थी।
- इसका नाम "हड़प्पा सभ्यता" भी है।
- मुख्य स्थलों में हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, लोथल, कालीबंगा और धोलावीरा शामिल हैं।
- यह सभ्यता कृषि और व्यापार पर आधारित थी।
भारतीय इतिहास - बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. चालकोलिथिक काल
Q1. कायथा संस्कृति किस नदी के तट पर स्थित है?
- चंबल नदी
- काली सिंध नदी
- नर्मदा नदी
- गंगा नदी
Q2. मालवा संस्कृति का विस्तार किस नदी के किनारे हुआ?
- गोदावरी नदी
- नर्मदा नदी
- कावेरी नदी
- सोन नदी
2. जोरवे संस्कृति
Q3. जोरवे संस्कृति किस राज्य में स्थित है?
- गुजरात
- महाराष्ट्र
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
Q4. दाइमाबाद क्षेत्र किस संस्कृति का हिस्सा है?
- हड़प्पा संस्कृति
- मालवा संस्कृति
- जोरवे संस्कृति
- मेगालिथिक संस्कृति
3. मेगालिथिक काल
Q5. मेगालिथ का शाब्दिक अर्थ क्या है?
- छोटे पत्थर
- बड़े पत्थर
- लाल मिट्टी
- काले मिट्टी
Q6. ब्रह्मगिरी स्थल किस राज्य में स्थित है?
- तमिलनाडु
- केरल
- कर्नाटक
- आंध्र प्रदेश
4. हड़प्पा सभ्यता
Q7. हड़प्पा सभ्यता की खोज किसने की?
- जॉन मार्शल
- दयाराम साहनी
- आर. डी. बैनर्जी
- अलेक्जेंडर कनिंघम
Q8. हड़प्पा सभ्यता का मुख्य आर्थिक आधार क्या था?
- शिकार
- व्यापार
- कृषि
- दोनों (कृषि और व्यापार)