History 01
इतिहास के नोट्स
इतिहास की परिभाषा
इतिहास का अर्थ है अतीत की घटनाओं का अध्ययन। इसमें उन्हीं घटनाओं को शामिल किया जाता है जो महत्वपूर्ण होती हैं और वर्तमान या भविष्य पर प्रभाव डालती हैं।
इतिहास के जनक
इतिहास के जनक का खिताब हेरोडोटस को दिया गया है।
इतिहास के विभाजन
इतिहास को तीन मुख्य कालखंडों में विभाजित किया गया है:
- प्रागैतिहासिक काल: इसमें लिखित स्रोत उपलब्ध नहीं हैं।
- प्रोटो-ऐतिहासिक काल: इसमें लिखित स्रोत उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें पढ़ा नहीं जा सकता।
- ऐतिहासिक काल: इसमें लिखित स्रोत उपलब्ध हैं और उन्हें पढ़ा जा सकता है।
कालखंडों का विवरण
1. प्रागैतिहासिक काल
इस काल में कोई लिखित स्रोत नहीं मिलते। इस काल का अध्ययन पुरातात्त्विक स्रोतों के माध्यम से किया जाता है।
2. प्रोटो-ऐतिहासिक काल
इस काल में लिखित स्रोत मौजूद हैं, लेकिन उन्हें पढ़ा नहीं जा सका है, जिससे इसकी जानकारी अधूरी है।
3. ऐतिहासिक काल
इस काल में लिखित स्रोत स्पष्ट रूप से उपलब्ध हैं, जिनसे इस काल को समझा जा सकता है।
ऐतिहासिक कालखंड का उपविभाजन
ऐतिहासिक कालखंड को आगे निम्न प्रकार से विभाजित किया गया है:
- प्राचीन इतिहास: सबसे प्रारंभिक काल से 500 ईस्वी तक।
- मध्यकालीन इतिहास: 500 ईस्वी से 1500 ईस्वी तक। इसमें मुस्लिम शासक, दिल्ली सल्तनत और मुगल साम्राज्य का अध्ययन होता है।
- आधुनिक इतिहास: 1500 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक, जिसमें ब्रिटिश शासन और स्वतंत्रता संग्राम पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- विश्व इतिहास: इसमें विश्व युद्ध, जर्मनी का एकीकरण, औद्योगिक क्रांति, और विभिन्न क्रांतियों जैसे फ्रांसीसी और चीनी क्रांति शामिल हैं।
विश्व इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएँ
- प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध
- जर्मनी का एकीकरण
- औद्योगिक क्रांति
- फ्रांसीसी क्रांति
- चीनी क्रांति
मुख्य बिंदु
- इतिहास मानव प्रगति और समाज के विकास को समझने के लिए आवश्यक है।
- लिखित स्रोतों के आधार पर ऐतिहासिक कालखंड निर्धारित किए जाते हैं।
- प्रागैतिहासिक अध्ययन के लिए पुरातात्त्विक साक्ष्यों पर निर्भर किया जाता है।
- हेरोडोटस को "इतिहास के जनक" के रूप में जाना जाता है।
प्रागैतिहासिक काल - क्लास नोट्स
परिचय
प्रागैतिहासिक काल मानव इतिहास का सबसे पुराना कालखंड है। इस समय कोई लिखित स्रोत उपलब्ध नहीं था। मानव खानाबदोश जीवन व्यतीत करता था और मुख्यतः भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकता था।
प्रागैतिहासिक काल के विशेषताएँ
- कोई लिखित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।
- पत्थर के औजारों का उपयोग होता था, इसलिए इसे पाषाण काल भी कहा जाता है।
- इस काल में मानव भोजन-संग्रह और शिकार करता था।
- मानव के जीवन का उद्देश्य केवल भोजन प्राप्त करना था।
पाषाण काल के विभाजन
- प्रारंभिक पाषाण काल (पुरापाषाण): सबसे पुराना काल।
- मध्य पाषाण काल: इस समय छोटे पत्थर के औजारों का प्रयोग हुआ।
- नवपाषाण काल: कृषि की शुरुआत, अस्थाई आवास, और पालतू जानवरों का पालन।
- ताम्र पाषाण काल: तांबे की खोज और इसका उपयोग।
प्रमुख खोजें
- आग की खोज: आग का उपयोग भोजन पकाने और सुरक्षा के लिए हुआ।
- कृषि की शुरुआत: नवपाषाण काल में मानव ने खेती करना सीखा।
- पहिया की खोज: माल ढुलाई और परिवहन के लिए पहिये का उपयोग।
- जानवरों का पालन: सबसे पहले कुत्ते को पालतू बनाया गया।
- घड़ा और भंडारण: अनाज रखने के लिए मिट्टी के घड़े बनाए गए।
अंत्येष्टि कार्यक्रम
मध्य पाषाण काल में अंत्येष्टि कार्यक्रम का आरंभ हुआ। यह अंतिम संस्कार की प्रथा थी, जिसमें शवों का दाह संस्कार, दफनाना, या अन्य प्रकार से निपटारा किया जाता था।
नवपाषाण काल की विशेषताएँ
- कृषि की शुरुआत और अस्थाई आवास।
- पालतू जानवरों का पालन, जैसे कुत्ता।
- पहिया की खोज और उपयोग।
- अनाज भंडारण के लिए घड़े का निर्माण।
ताम्र पाषाण काल
- मानव द्वारा खोजी गई पहली धातु तांबा थी।
- तांबे के औजारों और हथियारों का निर्माण।
महत्वपूर्ण बिंदु
- प्रागैतिहासिक काल में मानव का जीवन पूरी तरह भोजन पर निर्भर था।
- आग, कृषि, और पहिया जैसी खोजें मानव इतिहास की महत्वपूर्ण प्रगति थीं।
- अंत्येष्टि कार्यक्रम सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को दर्शाता है।
प्रागैतिहासिक काल और सिंधु सभ्यता
परिचय
प्रागैतिहासिक काल मानव सभ्यता का सबसे पुराना काल है। इस समय कोई लिखित स्रोत उपलब्ध नहीं थे और मानव का जीवन खानाबदोश था। मानव भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकता और प्रकृति पर निर्भर रहता था।
प्रमुख खोजें
- पहली धातु: तांबे की खोज।
- पहला जानवर: कुत्ता, जिसे सबसे पहले पालतू बनाया गया।
- पहला आविष्कार: आग की खोज।
- पहिया: परिवहन और माल ढुलाई के लिए पहिया।
- कृषि: नवपाषाण काल में खेती की शुरुआत।
पाषाण काल के विभाजन
- प्रारंभिक पाषाण काल: पत्थर के बड़े औजारों का उपयोग।
- मध्य पाषाण काल: छोटे पत्थर के औजारों का निर्माण।
- नवपाषाण काल: खेती, पालतू जानवरों का पालन, और अस्थाई आवास।
- ताम्र पाषाण काल: तांबे की खोज और इसका उपयोग।
चित्रकला
मध्य पाषाण काल में मानव ने चित्रकला की शुरुआत की। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की पहाड़ियों में आदिमानव द्वारा बनाए गए चित्र प्रमुख उदाहरण हैं। इन चित्रों में शिकार, दैनिक जीवन, और पशुओं को दर्शाया गया है।
अंत्येष्टि कार्यक्रम
मध्य पाषाण काल में अंत्येष्टि कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यह अंतिम संस्कार की प्रथा थी, जिसमें शवों को जलाना, दफनाना, या अन्य तरीकों से निपटाना शामिल था।
सिंधु सभ्यता
सिंधु सभ्यता विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। यह सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे विकसित हुई।
- यह सभ्यता मुख्यतः कृषि पर आधारित थी।
- सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों ने पानी और उर्वर भूमि उपलब्ध कराई।
- सभ्यता के प्रमुख स्थल: हड़प्पा और मोहनजोदड़ो।
महत्वपूर्ण बिंदु
- आदिमानव ने भोजन संग्रहण और शिकार पर निर्भर जीवन व्यतीत किया।
- तांबे और पहिए की खोज ने मानव जीवन को सरल बनाया।
- मध्य पाषाण काल में चित्रकला और अंत्येष्टि कार्यक्रम का विकास हुआ।
- सिंधु सभ्यता विश्व की सबसे उन्नत प्राचीन सभ्यताओं में से एक थी।
सिंधु सभ्यता और प्रागैतिहासिक काल
प्रागैतिहासिक काल
यह काल मानव इतिहास का सबसे प्रारंभिक काल है, जब लिखित स्रोत उपलब्ध नहीं थे। मानव का जीवन खानाबदोश था, और वह भोजन की खोज में इधर-उधर भटकता था।
मुख्य विशेषताएँ
- कोई लिखित रिकॉर्ड नहीं था।
- पत्थर के औजारों का उपयोग।
- आग की खोज सबसे महत्वपूर्ण आविष्कार थी।
- पहला पालतू जानवर: कुत्ता।
- कृषि की शुरुआत नवपाषाण काल में हुई।
- पहिए और मिट्टी के घड़ों का आविष्कार।
सिंधु सभ्यता
सिंधु सभ्यता विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक थी, जो सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसी थी। इसका विस्तार लगभग 13 लाख वर्ग किलोमीटर में था।
सिंधु सभ्यता का नामकरण
- सिंधु सभ्यता का नामकरण जॉन मार्शल ने किया था।
- पहली खुदाई दयाराम साहनी ने हड़प्पा में की थी।
मुख्य विशेषताएँ
- सभ्यता के प्रमुख स्थल: हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, लोथल, कालीबंगा।
- सभ्यता का आकार: लगभग त्रिभुजाकार।
- मुख्य नदी तंत्र: सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियाँ (झेलम, चिनाब, रावी, सतलुज)।
- शहरों का नियोजन और जल निकासी प्रणाली उत्कृष्ट थी।
सिंधु सभ्यता का महत्व
- यह सभ्यता कृषि और व्यापार पर आधारित थी।
- लोग तांबे और कांसे का उपयोग करते थे।
- आधुनिक शहर नियोजन का आदर्श उदाहरण।
- मूर्ति पूजा और चित्रकला में प्रगति।
सिंधु सभ्यता के प्रमुख तथ्य
- क्षेत्रफल: 13 लाख वर्ग किलोमीटर।
- समय: 2500 ईसा पूर्व से 1750 ईसा पूर्व।
- शहरों की संख्या: 250-300।
- सिंधु सभ्यता का पतन: प्राकृतिक आपदाएँ, बाढ़, या बाहरी आक्रमण।
महत्वपूर्ण बिंदु
- सिंधु सभ्यता का क्षेत्र त्रिभुजाकार था, जो कश्मीर से लेकर महाराष्ट्र तक फैला हुआ था।
- यह सभ्यता विश्व की सबसे प्राचीन और उन्नत सभ्यताओं में से एक थी।
- यह सभ्यता सिंधु नदी तंत्र के साथ विकसित हुई।
- सभ्यता के लोग लिखना जानते थे, लेकिन उनकी लिपि आज तक पढ़ी नहीं जा सकी है।
निष्कर्ष
सिंधु सभ्यता ने भारतीय इतिहास और संस्कृति को एक नई दिशा दी। इसके शहरी नियोजन, जल निकासी, और व्यापारिक गतिविधियाँ आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
सिंधु सभ्यता और प्रागैतिहासिक काल - MCQs
1. प्रागैतिहासिक काल में मानव का मुख्य कार्य क्या था?
2. सिंधु सभ्यता का नामकरण किसने किया?
3. सिंधु सभ्यता के किस स्थल पर पहली खुदाई की गई?
4. सिंधु सभ्यता का क्षेत्रफल लगभग कितना था?
5. सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार की लिपि का उपयोग करते थे?
6. प्रागैतिहासिक काल में मानव द्वारा पालतू बनाया गया पहला जानवर कौन था?
7. सिंधु सभ्यता के लोग मुख्यतः किस पर निर्भर थे?
8. सिंधु सभ्यता में किस धातु का प्रयोग सबसे अधिक होता था?
9. सिंधु सभ्यता के लोग अपने अंतिम संस्कार के लिए किस विधि का उपयोग करते थे?
10. सिंधु सभ्यता का सबसे प्रमुख नगर कौन सा था?